सीधा, सरल जो मन मेरे घटा

सागर में एक बूँद

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ट्रान्सफर

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कभी नहीं हटती है,

रहती है सदा चिपककर

वो लिजलिजी सी हठी छिपकली

कभी इस दीवाल पर,

या छत पर, या उस दीवाल पर.

गिरगिट रहता बगीचे में

या बाहर लॉन की घास पर

हरसिंगार, सुदर्शन, नीम और तुलसी पर

करता रहता है पहलवानी,

बदलता रहता है मेक-अप

दिन-रात.

जब से लिया ये मकान
जमाए बैठा है डेरा
काली बिल्ली का परिवार भी
छत के एक कोठर में.

लाख जतन पर भी
कहीं नहीं जाते,
बजाते रहते हैं कानों में
कर्कश दुदुन्भियाँ
दंश देते ये मच्छर.

न कोई पिंजरा न कैद,
फिर भी उडती नहीं
वो छोटी सी चिडिया
क्योंकि इसी मकान की
एक दीवाल में बने आले में
बसा रखा है उसने भी एक घर.

अभी चिनाई ही चल रही थी,
बाकी था बहुत सारा पलस्तर
पसीने की बूंदों से तराई करता था
और हो गया कहीं और ट्रान्सफर.

छिपकली, गिरगिट,
बिल्ली का परिवार.
चिड़िया और मच्छर,
क्यों नहीं जाते ये कहीं?

क्यों नहीं होता कभी इनका ट्रान्सफर?

दीपक कुमार श्रीवास्तव

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

aditi kailash के द्वारा
June 24, 2010

आप सभी के हम बहुत ही शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने हमारी परेशानी को अपनी परेशानी समझ कर साथ दिया और तब तक लड़ते रहे, जब तक कि बुराई हार ना जाये… तो देखिये हम सब की एकता की ताकत के आगे बुराई आखिर हार ही गई, अरे भाई उस चोर ने अपने ब्लॉग से इस मंच की रचनाएँ हटा ली है…तो अब हम खुश हैं और आप सभी भी हो जाइये….. इस मंच पर यहीं तो बात अच्छी लगती है कि एक प्रतियोगिता में भाग लेते समय लोग वैसे तो एक दुसरे के प्रतिद्वंदी बन जाते हैं, पर जरुरत में हर कोई साथ होता है….और किसी एक का दुःख सबका होता है….ये मंच एक परिवार ही है….और भगवान से प्रार्थना है कि सभी के बीच ये स्नेह हमेशा बनाये रखे… पर हम सभी को अभी कुछ काम और करने होंगे….हमें इस समस्या का ठोस उपाय सोचना पड़ेगा ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति ना हो और ये जड़ से ख़त्म हो जाये….तो चलिए मिलजुल कर कुछ सोचे…

    deepaksrivastava के द्वारा
    June 25, 2010

    अदिति जी, एक अच्छी सच्ची बात के लिए सभी एकजुट हो जाते, जब भी कोई सच्चाई का साथ देता है तो सिद्ध हो जाता है की हर मनुष्य के भीतर इश्वर होता है. क्योंकि कहते हैं कि इश्वर सदैव सत्य का साथ देता, सत्यमेव जयते, इती सिध्ध्हम.

    Deepak Srivastava के द्वारा
    July 8, 2010

    congrats for being included in the top 10 blogstars and I hope that you will win the race.

    Deepak Srivastava के द्वारा
    July 8, 2010

    as I cant devote much time on net, the delay for good wishes may please be regretted.


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